Google+
Lyrics Pouch
Play Random Songs

तेरी महफ़िल में क़िस्मत आज़मा कर - Song Hindi lyrics and Download

यह गाना पुराने सदाबहार गाने मूवी का है। यह गाना फ़िल्म- मुगले आज़म, संगीत- नौशाद, गायिका- लता मंगेशकर, शमशाद बेगम । ने गाया है


तेरी महफ़िल में क़िस्मत आज़मा कर Hindi Lyrics

तेरी महफ़िल में क़िस्मत आज़मा कर हम भी देखेंगे
(घड़ी भर को तेरे नज़दीक़ आकर हम भी देखेंगे) (२)
अजी हाँ हम भी देखेंगे
आ..तेरी महफ़िल में क़िस्मत आज़मा कर हम भी देखेंगे
(तेरे क़दमों पे सर अपना झुका कर हम भी देखेंगे) (२)
अजी हाँ हम भी देखेंगे

आ..बहारें आज पैगामे मोहब्बत लेके आई है
बड़ी मुद्दत में उम्मीदों की कलियाँ मुस्कराई है
बड़ी मुद्दत में ऐ जी हाँ आ...
बड़ी मुद्दत में उम्मीदों की कलियाँ मुस्कराई है
(गमे दिल से ज़रा दामन बचा कर हम भी देखेंगे) (२)
अजी हाँ हम भी देखेंगे

हा.. अगर दिल ग़म से ख़ाली हो तो जीने का मज़ा क्या है
न हो ख़ूने जिगर तो अश्क़ पीने का मज़ा क्या है
न हो ख़ूने जिगर हा ..हा..
न हो ख़ूने जिगर तो अश्क़ पीने का मज़ा क्या है
(मोहब्बत में ज़रा आँसू बहा कर हम भी देखेंगे) (२)
तेरी महफ़िल में क़िस्मत आज़मा कर हम भी देखेंगे
अजी हाँ हम भी देखेंगे

आ..मोहब्बत करने बालों का है बस इतना ही अफ़साना
तडफना चुपके चुपके आह भरना धुट के मर जाना
तडफना चुपके ऐ जी हाँ
तडफना चुपके चुपके आह भरना धुट के मर जाना
(किसी दिन ये तमाशा मुस्कुरा कर हम भी देखेंगे) (२)
तेरी महफ़िल में क़िस्मत आज़मा कर हम भी देखेंगे
अजी हाँ हम भी देखेंगे

आ..मोहब्बत हमने माना ज़िन्दगी बरबाद करती है
ये क्या कम है मर जाने पर दुनिया याद करती है
ये क्या कम है अजी हा...
ये क्या कम है मर जाने पर दुनिया याद करती है
(किसी के इश्क़ में दुनिया लुटा कर हम भी देखेंगे) (२)
हा..तेरे क़दमों पे सर अपना रख के हम भी देखेंगे
घड़ी भर को तेरे नज़दीक़ आ कर
आ..तेरी महफ़िल में क़िस्मत आज़मा कर हम भी देखेंगे
अजी हाँ हम भी देखेंगे
अजी हाँ हम भी देखेंगे

More Song's hindi lyrics from Old evergreen songs

प्यार हुआ इकरार हुआ
सौ साल पहले
चंदन सा बदन
हमें तुमसे प्यार कितना
हुई शाम उनका ख़्याल आ गया
मैं ज़िन्दगी का साथ निभाता चला गया
लागी छूटे ना अब तो सनम
किसी पत्थर की मूरत से
जम डम डिगा डिगा
मिलती है ज़िन्दगी में मोहब्बत कभी कभी
ओ साथी रे तेरे बिना भी क्या जीना
आज फिर तुम पे प्यार आया है
तूने ओ रंगीले कैसा जादू किया
तेरी आँखों के सिबा
किसी राह में किसी मोड़ पर
तू प्यार का सागर है
कोई नहीं है फिर भी है मुझको
अकेले अकेले कहाँ जा रहे हो
मुझे तेरी मोहब्बत का सहारा
बेक़रार करके हमें यूँ ना जाइये
याद ना जाये बीते दिनों की
अजी रूठ कर अब कहाँ जाइयेगा
छूकर मेरे मन को
तू जहाँ जहाँँ चलेगा
रुला के गया सपना मेरा
सुहानी रात ढल चुकी
लग जा गले
तेरी गलियों में ना रखेंगे क़दम
छोड़ दे सारी दुनिया
होंठों से छूलो तुम
ओह रे ताल मिले
अब तो है तुमसे हर ख़ुशी अपनी
दिल चीज़ क्या है
आज उनसे पहली मुलाक़ात होगी
कोई होता जिसको अपना हम अपना
खोया खोया चाँद खुला आसमान
तुम्हीं मेरे मंदिर
उनसे मिली नज़र के मेरे होश
हज़ार राहें मुड़ के देखीं
हर दिल जो प्यार करेगा
तुम मुझे यूँ भुला ना पाओगे
ज़िन्दगी का सफ़र है सुहाना
तुम बिन जाऊँ कहाँ
मैं पल दो पल का शायर हूँ
पर्दे में रहने दो
मेरी भीगी भीगी सी पलकों पे
दिल ऐसा किसी ने मेरा तोड़ा
रंगीला रे तेरे रंग में
दिल तडफ तडफ के कह रहा
हमें और जीने की चाहत
ज़िन्दगी का सफ़र है ये कैसा सफ़र
आ लौट के आजा मेरे मीत
वो शाम कुछ अजीब थी
छू लेने दो नाज़ुक होंठों को
किसी की मुस्कराहटो पे
तेरे चेहरे में वो जादू है
पल पल दिल के पास
महबूब मेरे महबूब मेरे
आजा रे अब मेरा दिल
रहें ना रहें हम
कहीं दूर जब दिन ढल जाये
आप के पहलू में आ कर
चौदहवीं का चाँद हो
ज़िन्दगी के सफ़र में
लिखें जो ख़त तुझे
फूल तुम्हें भेजा है ख़त में
मेरे दिल में आज क्या है
बेदर्दी बालमा तुझको
एहसान तेरा होगा मुझ पर
तौबा ये मतवाली चाल
कहता है जोकर सारा ज़माना
एक प्यार का नगमा है
जिस गली में तेरा घर
गुलाबी आँखें जो तेरी
लम्बी जुदाई
तेरी बिन्दिया रे
सावन का महीना
लूटे कोई मन का नगर
ओ बाबुल प्यारे
तेरे बिना जिन्दगी से
जो बादा किया वो निभाना पडेगा
आजा तेरी याद आई
वादा करले साजना
जो तुमको हो पसन्द
रुत है मिलन की साथी मेरे
मन क्यूँ बहका री बहका
बिन्दिया चमकेगी
जाने क्यों लोग मोहब्बत
मिलो ना तुम तो हम घबरायें
छुप गये सारे नजारे
अब के सजन
तेरा मेरा साथ रहे
कहाँ से आये बदरा
दिल में तुझे बिठाके
सोलह बरस की
मेरी साँसों तो जो महका
मै तुम में समा जाऊँ
आपकी आँखों में कुछ
पत्थर के सनम
ओ मेरे दिल के चैन
दिल के झरोखे में
चाँद सी महबूबा हो मेरी
ये शाम मस्तानी
प्यार दिवाना होता है
आने से उसके आये बहार
तुम अगर साथ देने का वादा
गुनगुना रहें है भँवरे
कोरा कागज था ये मन मेरा
रुके रुके से कदम
रैना बीती जाये
चिनगारी कोई भड़के
ये जो मोहब्बत है
निगाहें मिलाने को
शरमा के अगर यूँ परदानशीं
इशारों इशारो में
मिलते ही नजर तुम से
तू कितनी अच्छी है
बड़ा नटखट है ये