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मन क्यूँ बहका री बहका - Song Hindi lyrics and Download

यह गाना पुराने सदाबहार गाने मूवी का है। यह गाना फिल्म- उत्सव, गीत- वसन्त देव, संगीत- लक्ष्मीकांत प्यारेलाल, गायक- लता मंगेशकर, आशा भोसले। ने गाया है


मन क्यूँ बहका री बहका Hindi Lyrics

मन क्यूँ बहका री बहका
मन क्यूँ बहका री बहका
आधी रात को
बेला महका हो
बेला महका री महका
आधी रात को
हो मन क्यूँ बहका री बहका
आधी रात को
बेला महका री महका
आधी रात को
किसने बंशी बजाई
आधी रात को
हो. हो किसने बंशी बजाई
आधी रात को
जिसने पलकें हो.
जिसने पलके चुराई
आधी रात को
हो मन क्यूँ बहका री बहका
आधी रात को
बेला महका री महका
आधी रात को

झाझर झमके सुन झमके
हो झाझर झमके सुन झमके
झाझर झमके सुन झमके
आधी रात को
उसको टोको ना रोको
रोको ना टोको
टोको ना रोको
आधी रात को

हो लाज लागेगी लागे
आधी रात को
लाज लागेगी लागे
आधी रात को
तेरा सिंदूर केसू
लाज लागेगी लागे
आधी रात को
बेला महका री महका
आधी रात को
हो मन क्यूँ बहका री बहका
आधी रात को
बेला महका री महका
आधी रात को

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प्यार हुआ इकरार हुआ
सौ साल पहले
चंदन सा बदन
हमें तुमसे प्यार कितना
हुई शाम उनका ख़्याल आ गया
मैं ज़िन्दगी का साथ निभाता चला गया
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रहें ना रहें हम
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चौदहवीं का चाँद हो
ज़िन्दगी के सफ़र में
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लम्बी जुदाई
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