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लम्बी जुदाई - Song Hindi lyrics and Download

यह गाना पुराने सदाबहार गाने मूवी का है। यह गाना फिल्म- हीरो, गीत- आनन्द बख़्शी, संगीत- लक्ष्मीकांत प्यारेलाल, गायिका- रेश्मा ने गाया है


लम्बी जुदाई Hindi Lyrics

बिछड़े अभी तो हम बस कल परसों
जिऊँगी मैं कैसे इस हाल में बरसों
मौत ना आई तेरी याद, क्यों आई
हाय, लम्बी जुदाई
चार दिनों दा प्यार ओ रब्बा
बड़ी लम्बी जुदाई, लम्बी जुदाई
होंठों पे आये मेरी जान दुहाई
हाय लम्बी जुदाई
चार दिनों का प्यार ओ रब्बा
बड़ी लम्बी जुदाई, लम्बी जुदाई

एक तो सजन मेरे पास नहीं रे
दूजे मिलन दी कोई आस नहीं रे
दूजे मिलन दी कोई आस नहीं रे
उसपे ये सावन आया
उसपे ये सावन आया
आग लगायी हाय लम्बी जुदाई
चार दिनों दा प्यार हो रब्बा
बड़ी लम्बी जुदाई, लम्बी जुदाई

टूटे ज़माने तेरे हाथ निगोडे, हाथ निगोडे
दिल से दिलों के तूने शीशे तोड़े, शीशे तोड़े
हिजर की ऊँची, हिजर की ऊँची
दीवार बनाई हाय लम्बी जुदाई
चार दिनों दा प्यार हो रब्बा
बड़ी लम्बी जुदाई, लम्बी जुदाई

बाग़ उजड़ गये, बाग़ उजड़ गये खिलने से पहले
पंछी बिछड़ गये मिलने से पहले
पंछी बिछड़ गये मिलने से पहले
कोयल की कूँ, कोयल की कूँ ने
हूक उठाई हाय लम्बी जुदाई
चार दिनों दा प्यार हो रब्बा
बड़ी लम्बी जुदाई, लम्बी जुदाई

होंठों पे आये मेरी जान दुहाई
हाय लम्बी जुदाई
चार दिनों दा प्यार ओ रब्बा
बड़ी लम्बी जुदाई, लम्बी जुदाई

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प्यार हुआ इकरार हुआ
सौ साल पहले
चंदन सा बदन
हमें तुमसे प्यार कितना
हुई शाम उनका ख़्याल आ गया
मैं ज़िन्दगी का साथ निभाता चला गया
लागी छूटे ना अब तो सनम
किसी पत्थर की मूरत से
जम डम डिगा डिगा
मिलती है ज़िन्दगी में मोहब्बत कभी कभी
ओ साथी रे तेरे बिना भी क्या जीना
आज फिर तुम पे प्यार आया है
तूने ओ रंगीले कैसा जादू किया
तेरी आँखों के सिबा
किसी राह में किसी मोड़ पर
तू प्यार का सागर है
कोई नहीं है फिर भी है मुझको
अकेले अकेले कहाँ जा रहे हो
मुझे तेरी मोहब्बत का सहारा
बेक़रार करके हमें यूँ ना जाइये
याद ना जाये बीते दिनों की
अजी रूठ कर अब कहाँ जाइयेगा
छूकर मेरे मन को
तू जहाँ जहाँँ चलेगा
रुला के गया सपना मेरा
सुहानी रात ढल चुकी
लग जा गले
तेरी गलियों में ना रखेंगे क़दम
छोड़ दे सारी दुनिया
होंठों से छूलो तुम
ओह रे ताल मिले
अब तो है तुमसे हर ख़ुशी अपनी
दिल चीज़ क्या है
आज उनसे पहली मुलाक़ात होगी
कोई होता जिसको अपना हम अपना
खोया खोया चाँद खुला आसमान
तुम्हीं मेरे मंदिर
उनसे मिली नज़र के मेरे होश
हज़ार राहें मुड़ के देखीं
हर दिल जो प्यार करेगा
तुम मुझे यूँ भुला ना पाओगे
ज़िन्दगी का सफ़र है सुहाना
तुम बिन जाऊँ कहाँ
मैं पल दो पल का शायर हूँ
पर्दे में रहने दो
मेरी भीगी भीगी सी पलकों पे
दिल ऐसा किसी ने मेरा तोड़ा
रंगीला रे तेरे रंग में
दिल तडफ तडफ के कह रहा
हमें और जीने की चाहत
ज़िन्दगी का सफ़र है ये कैसा सफ़र
आ लौट के आजा मेरे मीत
तेरी महफ़िल में क़िस्मत आज़मा कर
वो शाम कुछ अजीब थी
छू लेने दो नाज़ुक होंठों को
किसी की मुस्कराहटो पे
तेरे चेहरे में वो जादू है
पल पल दिल के पास
महबूब मेरे महबूब मेरे
आजा रे अब मेरा दिल
रहें ना रहें हम
कहीं दूर जब दिन ढल जाये
आप के पहलू में आ कर
चौदहवीं का चाँद हो
ज़िन्दगी के सफ़र में
लिखें जो ख़त तुझे
फूल तुम्हें भेजा है ख़त में
मेरे दिल में आज क्या है
बेदर्दी बालमा तुझको
एहसान तेरा होगा मुझ पर
तौबा ये मतवाली चाल
कहता है जोकर सारा ज़माना
एक प्यार का नगमा है
जिस गली में तेरा घर
गुलाबी आँखें जो तेरी
तेरी बिन्दिया रे
सावन का महीना
लूटे कोई मन का नगर
ओ बाबुल प्यारे
तेरे बिना जिन्दगी से
जो बादा किया वो निभाना पडेगा
आजा तेरी याद आई
वादा करले साजना
जो तुमको हो पसन्द
रुत है मिलन की साथी मेरे
मन क्यूँ बहका री बहका
बिन्दिया चमकेगी
जाने क्यों लोग मोहब्बत
मिलो ना तुम तो हम घबरायें
छुप गये सारे नजारे
अब के सजन
तेरा मेरा साथ रहे
कहाँ से आये बदरा
दिल में तुझे बिठाके
सोलह बरस की
मेरी साँसों तो जो महका
मै तुम में समा जाऊँ
आपकी आँखों में कुछ
पत्थर के सनम
ओ मेरे दिल के चैन
दिल के झरोखे में
चाँद सी महबूबा हो मेरी
ये शाम मस्तानी
प्यार दिवाना होता है
आने से उसके आये बहार
तुम अगर साथ देने का वादा
गुनगुना रहें है भँवरे
कोरा कागज था ये मन मेरा
रुके रुके से कदम
रैना बीती जाये
चिनगारी कोई भड़के
ये जो मोहब्बत है
निगाहें मिलाने को
शरमा के अगर यूँ परदानशीं
इशारों इशारो में
मिलते ही नजर तुम से
तू कितनी अच्छी है
बड़ा नटखट है ये