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जाने क्यों लोग मोहब्बत - Song Hindi lyrics and Download

यह गाना पुराने सदाबहार गाने मूवी का है। यह गाना फिल्म- महबूब की मेंहदी, गीत- आनन्द बक्षी, संगीत- लक्ष्मीकांत प्यारेलाल, गायिका- लता मंगेशकर। ने गाया है


जाने क्यों लोग मोहब्बत Hindi Lyrics

इस जमाने में
इस मोहब्बत में
कितने दिल तोड़े
कितने घर फूँके
(जाने क्यो लोग मोहब्बत
किया करते है) -२
दिल के बदले दर्द ए दिल
लिया करते है
जाने क्यो लोग मोहब्बत
किया करते है

तनहाई मिलती है
महफिल नहीं मिलती
राहें मोहब्बत में
कभी मंजिल नहीं मिलती
दिल टूट जाता है
नाकाम होता है
उल्फत में लोंगो का
यही अंजाम होता है
कोई क्या जाने, क्यों ये परवाने
क्यों मचलते है, गम में जलते है
(आहें भर भर के दिवाने
जिया करते है) -२
जाने क्यो लोग मोहब्बत
किया करते है

सावन में आँखो को
कितना रुलाती है
फुरकत में जब दिल को
किसी की याद आती है
ये जिन्दगी यूँ ही बरबाद होती है
हर वक्त होठो पे कोई फरियाद होती है
ना दवाओं का, नाम चलता है
ना दुआओं से, काम चलता है
(जहर ये फिर भी सभी क्यो
पिया करते है) -२
जाने क्यो लोग मोहब्बत
किया करते है

महबूब से हर गम
मनसूब होता है
दिन रात उल्फत में
तमाशा खूब होता है
रातों से भी लम्बे, ये प्यार के किस्से
आशिक सुनाते है, जफा ए यार के किस्से
वेमुरव्वत है, वेवफा है वो
उस सितमगर का, अपने दिलवर का
(नाम ले ले के दुहाई, दिया करते है) -२
जाने क्यो लोग मोहब्बत
किया करते है

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प्यार हुआ इकरार हुआ
सौ साल पहले
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आज फिर तुम पे प्यार आया है
तूने ओ रंगीले कैसा जादू किया
तेरी आँखों के सिबा
किसी राह में किसी मोड़ पर
तू प्यार का सागर है
कोई नहीं है फिर भी है मुझको
अकेले अकेले कहाँ जा रहे हो
मुझे तेरी मोहब्बत का सहारा
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याद ना जाये बीते दिनों की
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तेरी महफ़िल में क़िस्मत आज़मा कर
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आप के पहलू में आ कर
चौदहवीं का चाँद हो
ज़िन्दगी के सफ़र में
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फूल तुम्हें भेजा है ख़त में
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बेदर्दी बालमा तुझको
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तौबा ये मतवाली चाल
कहता है जोकर सारा ज़माना
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लम्बी जुदाई
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सोलह बरस की
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रुके रुके से कदम
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चिनगारी कोई भड़के
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