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चिनगारी कोई भड़के - Song Hindi lyrics and Download

यह गाना पुराने सदाबहार गाने मूवी का है। यह गाना फिल्म-अमर प्रेम, गीत- आनन्द बक्षी, संगीत- आर डी बर्मन, गायिका- किशोर कुमार। ने गाया है


चिनगारी कोई भड़के Hindi Lyrics

चिन्गारी कोई भड़के

चिन्गारी कोई भड़के
तो सावन उसे बुझाये
सावन जो अगन लगाये
उसे कौन बुझाये
हो. उसे कौन बुझाये
पतझड़ जो बाग उजाड़े
वो बाग बहार खिलाये
जो बाग बहार में उजड़े
उसे कौन खिलाये
हो. उसे कौन खिलाये

(हम से मत पूछो कैसे
मंदिर टूटा सपनों का) -२
लोगो की बात नहीं है
ये किस्सा है अपनों का
कोई दुशमन ठेस लगाये
तो मीत जिया बहलाये
मनमीत जो घाव लगाये
उसे कौन मिटाये

(ना जाने क्या हो जाता
जाने हम क्या कर जाते) -२
पीते है तो जिन्दा है
ना पीते तो मर जाते
दुनिया जो प्यासा रक्खे
तो मदिरा प्यास बुझाये
मदिरा जो प्यास लगाये
उसे कौन बुझाये
हो उसे कौन बुझाये

(माना तूफाँ के आगे
नहीं चलता जोर किसी का) -२
मौजों का दोष नहीं है
ये दोष है और किसी का
मझधार में नैया डोले
तो माँझी पार लगाये
माँझी जो नाव डुबोये
उसे कौन बचाये
हो उसे कौन बचाये

चिन्गारी..

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प्यार हुआ इकरार हुआ
सौ साल पहले
चंदन सा बदन
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लागी छूटे ना अब तो सनम
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तूने ओ रंगीले कैसा जादू किया
तेरी आँखों के सिबा
किसी राह में किसी मोड़ पर
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आजा रे अब मेरा दिल
रहें ना रहें हम
कहीं दूर जब दिन ढल जाये
आप के पहलू में आ कर
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फूल तुम्हें भेजा है ख़त में
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बेदर्दी बालमा तुझको
एहसान तेरा होगा मुझ पर
तौबा ये मतवाली चाल
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लम्बी जुदाई
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आजा तेरी याद आई
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