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ओ साथी रे तेरे बिना भी क्या जीना - Song lyrics and Download

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यह गाना Old evergreen songs मूवी का है। यह गाना फ़िल्म- मुक़द्दर का सिकन्दर, संगीत- कल्यानजी आनन्दजी, गायक- किशोर कुमार । ने गाया है

ला.... ला.... ला....
ओ साथी रे, तेरे बिना भी क्या जीना
तेरे बिना भी क्या जीना
ओ साथी रे, तेरे बिना भी क्या जीना
तेरे बिना भी क्या जीना
फूलों में, कलियों में, सपनों की गलियों में
फूलों में, कलियों में, सपनों की गलियों में
तेरे बिना कुछ कहीं ना
ओ साथी रे, तेरे बिना भी क्या जीना
तेरे बिना भी क्या जीना

हर धड़कन में प्यास है तेरी, साँसों में तेरी ख़ुशबू है
इस धरती से उस अंबर तक, मेरी नज़र में तू ही तू है
प्यार ये टूटे ना, प्यार ये टूटे ना, तू मुझसे रूठे ना
साथ ये छूटे कभी ना
तेरे बिना भी क्या जीना
ओ साथी रे, तेरे बिना भी क्या जीना
तेरे बिना भी क्या जीना

तुझ बिन जोगन मेरी रातें, तुझ बिन मेरे दिन बंजारे
मेरा जीवन जलती धूनी, बुझे बुझे मेरे सपने सारे
तेरे बिना मेरी, तेरे बिना मेरी, मेरे बिना तेरी
ये ज़िन्दगी ज़िन्दगी ना
तेरे बिना भी क्या जीना
ओ साथी रे, तेरे बिना भी क्या जीना
तेरे बिना भी क्या जीना
तेरे बिना भी क्या जीना
तेरे बिना भी क्या जीना

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प्यार हुआ इकरार हुआ
सौ साल पहले
चंदन सा बदन
हमें तुमसे प्यार कितना
हुई शाम उनका ख़्याल आ गया
मैं ज़िन्दगी का साथ निभाता चला गया
लागी छूटे ना अब तो सनम
किसी पत्थर की मूरत से
जम डम डिगा डिगा
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आज फिर तुम पे प्यार आया है
तूने ओ रंगीले कैसा जादू किया
तेरी आँखों के सिबा
किसी राह में किसी मोड़ पर
तू प्यार का सागर है
कोई नहीं है फिर भी है मुझको
अकेले अकेले कहाँ जा रहे हो
मुझे तेरी मोहब्बत का सहारा
बेक़रार करके हमें यूँ ना जाइये
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कोई होता जिसको अपना हम अपना
खोया खोया चाँद खुला आसमान
तुम्हीं मेरे मंदिर
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हज़ार राहें मुड़ के देखीं
हर दिल जो प्यार करेगा
तुम मुझे यूँ भुला ना पाओगे
ज़िन्दगी का सफ़र है सुहाना
तुम बिन जाऊँ कहाँ
मैं पल दो पल का शायर हूँ
पर्दे में रहने दो
मेरी भीगी भीगी सी पलकों पे
दिल ऐसा किसी ने मेरा तोड़ा
रंगीला रे तेरे रंग में
दिल तडफ तडफ के कह रहा
हमें और जीने की चाहत
ज़िन्दगी का सफ़र है ये कैसा सफ़र
आ लौट के आजा मेरे मीत
तेरी महफ़िल में क़िस्मत आज़मा कर
वो शाम कुछ अजीब थी
छू लेने दो नाज़ुक होंठों को
किसी की मुस्कराहटो पे
तेरे चेहरे में वो जादू है
पल पल दिल के पास
महबूब मेरे महबूब मेरे
आजा रे अब मेरा दिल
रहें ना रहें हम
कहीं दूर जब दिन ढल जाये
आप के पहलू में आ कर
चौदहवीं का चाँद हो
ज़िन्दगी के सफ़र में
लिखें जो ख़त तुझे
फूल तुम्हें भेजा है ख़त में
मेरे दिल में आज क्या है
बेदर्दी बालमा तुझको
एहसान तेरा होगा मुझ पर
तौबा ये मतवाली चाल
कहता है जोकर सारा ज़माना
एक प्यार का नगमा है
जिस गली में तेरा घर
गुलाबी आँखें जो तेरी
लम्बी जुदाई