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प्यार हुआ इकरार हुआ - Song lyrics and Download

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यह गाना Old evergreen songs मूवी का है। यह गाना फ़िल्म- श्री 420, संगीत- शंकर, जयकिशन, गायक- मन्ना डे, लता मंगेशकर । ने गाया है

प्यार हुआ इकरार हुआ है
प्यार से फिर क्यों डरता है दिल (2)
कहता है दिल रस्ता मुश्किल
मालूम नहीं है कहाँ मंज़िल (2)

प्यार हुआ इकरार हुआ है
प्यार से फिर क्यों डरता है दिल
कहता है दिल रस्ता मुश्किल
मालूम नहीं है कहाँ मंज़िल
प्यार हुआ इकरार हुआ है
प्यार से फिर क्यों डरता है दिल

कहो की अपनी प्रीत का
गीत ना बदलेगा कभी
तुम भी कहो इस राह का
मीत ना बदलेगा कभी
प्यार जो टूटा साथ जो छूटा
चाँद ना चमकेगा कभी
हा हा हा..
प्यार हुआ इकरार हुआ है
प्यार से फिर क्यों डरता है दिल
कहता है दिल रस्ता मुश्किल
मालूम नहीं है कहाँ मंज़िल

रातें दसों दिशाओं से
कहेंगी अपनी कहानियाँ
गीत हमारे प्यार के
दोहराएगी जवानियाँ
मै ना रहूँगी तुम ना रहोगे
फिर भी रहेंगी निशानियाँ
प्यार हुआ इकरार हुआ है
प्यार से फिर क्यों डरता है दिल
कहता है दिल रस्ता मुश्किल
मालूम नहीं है कहाँ मंज़िल

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सौ साल पहले
चंदन सा बदन
हमें तुमसे प्यार कितना
हुई शाम उनका ख़्याल आ गया
मैं ज़िन्दगी का साथ निभाता चला गया
लागी छूटे ना अब तो सनम
किसी पत्थर की मूरत से
जम डम डिगा डिगा
मिलती है ज़िन्दगी में मोहब्बत कभी कभी
ओ साथी रे तेरे बिना भी क्या जीना
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तूने ओ रंगीले कैसा जादू किया
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किसी राह में किसी मोड़ पर
तू प्यार का सागर है
कोई नहीं है फिर भी है मुझको
अकेले अकेले कहाँ जा रहे हो
मुझे तेरी मोहब्बत का सहारा
बेक़रार करके हमें यूँ ना जाइये
याद ना जाये बीते दिनों की
अजी रूठ कर अब कहाँ जाइयेगा
छूकर मेरे मन को
तू जहाँ जहाँँ चलेगा
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खोया खोया चाँद खुला आसमान
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हज़ार राहें मुड़ के देखीं
हर दिल जो प्यार करेगा
तुम मुझे यूँ भुला ना पाओगे
ज़िन्दगी का सफ़र है सुहाना
तुम बिन जाऊँ कहाँ
मैं पल दो पल का शायर हूँ
पर्दे में रहने दो
मेरी भीगी भीगी सी पलकों पे
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रंगीला रे तेरे रंग में
दिल तडफ तडफ के कह रहा
हमें और जीने की चाहत
ज़िन्दगी का सफ़र है ये कैसा सफ़र
आ लौट के आजा मेरे मीत
तेरी महफ़िल में क़िस्मत आज़मा कर
वो शाम कुछ अजीब थी
छू लेने दो नाज़ुक होंठों को
किसी की मुस्कराहटो पे
तेरे चेहरे में वो जादू है
पल पल दिल के पास
महबूब मेरे महबूब मेरे
आजा रे अब मेरा दिल
रहें ना रहें हम
कहीं दूर जब दिन ढल जाये
आप के पहलू में आ कर
चौदहवीं का चाँद हो
ज़िन्दगी के सफ़र में
लिखें जो ख़त तुझे
फूल तुम्हें भेजा है ख़त में
मेरे दिल में आज क्या है
बेदर्दी बालमा तुझको
एहसान तेरा होगा मुझ पर
तौबा ये मतवाली चाल
कहता है जोकर सारा ज़माना
एक प्यार का नगमा है
जिस गली में तेरा घर
गुलाबी आँखें जो तेरी
लम्बी जुदाई